व्यापमं के बाद रेलवे परीक्षा में भी फर्जीवाड़ा, मिले 270 फर्जी परीक्षार्थी

भोपाल, 29 सितंबर 2015।

2014 की रेलवे परीक्षा में 270 परीक्षार्थी फर्जी मिले हैं। इन सबने परीक्षा पास कर ली थी लेकिन फिंगर प्रिंट जांच से इनकी असलियत सामने आ गई। इस फर्जीवाड़े के खुलासे से भर्ती प्रक्रिया में शामिल रहे कर्मचारी और अधिकारियों में भी हड़कंप मच गया है।

 

नकली उम्मीदवारों के दम पर नवंबर 2014 में हुई ग्रुप-डी की परीक्षा पास करने वाले 270 लोगों का खुलासा हुआ है। मामले की असलियत तब सामने आई जब परीक्षा के चयनित 4,300 उम्मीदवारों के फिंगर प्रिंट्स की जांच हुई।

 

रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ की जांच में जिन उम्मीदवारों के अंगूठे के निशान फर्जी मिले हैं, उनके खिलाफ थाने में मामला दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है। रेलवे इन उम्मीदवारों को काली सूची में भी डालेगा ताकी वे आगे ऐसा फर्जीवाड़ा न कर सकें।

 

ऐसे हुआ खुलासा

नवंबर 2014 में रेलवे ग्रुप-डी की परीक्षा हुई। यह देश भर के सभी रेल मंडलों में आयोजित हुई थी। फिजिकल एंट्रेंस परीक्षा में पास होने के बाद उम्मीदवारों के दस्तावेज जांच कर लिखित परीक्षा हुई थी।

 

लिखित परीक्षा में चयनित उम्मीदवारों के फिंगरप्रिंट भी लिए थे। जांच के दौरान 20 जुलाई से 24 सितंबर तक सभी चयनित उम्मीवारों के दस्तावेजों व फिंगरप्रिंट का मिलान हुआ। इसमें सामने आया कि 4,300 उम्मीदवारों में से 270 उम्मीदवार ऐसे थे, जिनके फिंगरप्रिंट्स परीक्षा कक्ष में मौजूद पंजिका और ओएमआर शीट में लिए अंगूठे के निशानों से मेल नहीं हो रहे थे।

 

यह जानकारी सामने आते ही अधिकारियों के होश उड़ गए। इतने बड़े पैमाने पर हुई इस धांधली और घोटाले को लेकर अब यह चिंता भी सताने लगी है कि इसके पहले जो परीक्षाएं हुई थीं, कही उनमें भी तो इस तरह का घोटाला नहीं हुआ था। यदि ऐसा पाया जाता है तो सैंकड़ों ऐसे रेलवे कर्मचारी और अधिकारी न केवल बरखास्त होंगे बल्कि गिरफ्तार भी किए जा सकते हैं, जिन्होंने इस तरह से परीक्षा पास की होगी और अब रेलवे में काम कर रहे हैं।

Courtesy: Attack News, Ujjain

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