मेनबाजार मटका मुख्यालय पहुंचा नाशिक, अहमदाबाद से उखड़ी जड़ें

  • नाशिक में बनाया नया मुख्यालय
  • अहमदाबाद में चल रहा था मेनबाजार
  • गुजरात से भागे मेनबाजार मटका संचालक
  • गुजरात के मंत्री के संरक्षण जारी का मटका
  • गृहमंत्री की सख्ती के चलते भागे मटका संचालक

विवेक अग्रवाल।

मुंबई, 11 फरवरी 2017।

देश का सबसे विश्वसनीय और विस्तार रखने वाला मेनबाजार बाजार मटका एक बार फिर अपने स्थापना वाले राज्य महाराष्ट्र की ही मिट्टी पर आ पहुंचा है। इस बार मटका संचालकों ने मुंबई के बदले नाशिक में मेन बाजार मटके का मुख्यालय बनाया है।

 

गिरोहबाज अरुण गवली की छत्रछाया में कुछ समय पहले तक मुंबई में चलने वाला मेनबाजार मटका अहमदाबाद जा पहुंचा था क्योंकि वहां एक ताकतवर मंत्री ने उसे संरक्षण दिया था। वह मंत्री अब हट चुका है। अब नए आए मंत्री ने ऐलान कर दिया है कि वह धन लेकर भी इन्हें संरक्षण नहीं देगा। उनका कहना है कि गरीबों की गरीबी बढ़ाने में मटके का अधिक योगदान है, जिसके चलते यह गुजरात राज्य में तो पूरी तरह बंद करवाया ही जाएगा।

 

अहमदाबाद के अपराध संवाददाता महेश दवे के मुताबिक महाराष्ट्र मुंबई पुलिस के लिए मेन बाजार मटका एक नया सिरदर्द बनने वाला है। श्री दवे ने “इंडिया क्राईम” को बताया कि रतन खत्री का यह मटका अब नासिक से शुरू हो गया है। इसके संचालको ने एक माह पहले ही पूरा कारोबार नाशिक भेजा है।

 

श्री दवे इस बात पर भी गहरा अचरज जताते हैं कि मेन बाजार समेत दर्जनों वेबसाईट्स भी धड़ल्ले चल रही हैं लेकिन पुलिस अधिकारी इन्हें बंद करवाने में बिल्कुल रुची नहीं ले रहे हैं। गुगल पर मेन बाजार मटका खोजते ही सैंकड़ों की संख्या में वेबसाईट्स आने लगती हैं।

 

श्री दवे ने दावा किया कि उनके सूत्रों ने बताया है कि रतन खत्री का मटका पप्पू भाई सावला और पंकज भाई गांगर मिल कर ही चला रहे हैं। ये दोनों बोरीवली पश्चिम के निवासी हैं। दिखावे के लिए दोनों ने अपनी दुकानें खोल रखी हैं लेकिन उनका असली कारोबार मटका संचालन ही है। उनके बोरीवली स्थित ठिकानों पर कुछ बरस पहले मुंबई पुलिस भी छापामारी कर चुकी है। इस मटके से उन्हें हर दिन करोड़ों रुपयों की आमदनी होती है।

वे यह भी कहते हैं कि पुलिस, पत्रकारों, नेताओं, मंत्रियों समेत उन तमाम लोगों को ये मुंह बंद रखने के लिए हफ्ता देते हैं, जो उनके कारोबार की की गोपनीयता भंग कर सकते हैं या उसके सुचारू संचालन में विध्न डाल सकते हों।

 

वे कहते हैं कि अहमदाबाद के दरियापुर इलाके में मेन बाजार मटके का मुख्यालय पप्पू और पंकज ने बनाया था। जब पुलिस ने उन पर तगड़ा दबाव बनाया तो यहां से भागने में ही उन्होंने भलाई समझी।

 

श्री दवे का यह भी दावा है कि इस जुआ गिरोह पर राजस्व खुफिया संचालनालय (डीआरआई) का छापा भी पड़ने वाला था, जो किसी कारण से टल गया। उनकी पूरी जानकारियां डीआरआई अधिकारियों ने जुटा रखी हैं और कभी भी उन पर छापामारी हो सकती है।

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