मुंबई रेसकोर्स में गिरोहों पर कसा पुलिस ने शिकंजा, बुकियों की हड़ताल टूटी

विवेक अग्रवाल।

मुंबई, 11 अगस्त 2018।

  • गवली गिरोह के खिलाफ मुंबई पुलिस की कार्रवाई
  • मुंबई रेसकोर्स बुकियों को सुरक्षा का आश्वासन
  • गिरोहों की हफ्ताखोरी लगेगी लगाम
  • बुकियों में है आज भी खासा आतंक
  • बुकियों की हड़ताल हुई खत्म
  • रेसकोर्स प्रबंधन ने नहीं किया मामला दर्ज

गिरोह सरगना अरुण गवली उर्फ डैडी के गुंडों का मुंबई रेसकोर्स में अचानक हफ्तावसूली के लिए धमकियां देने के बाद सक्रिय हुए थे, उनके खिलाफ मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने कमर कस ली है। अपराध शाखा ने न केवल बुकियों को सुरक्षा का आश्वासन दिया बल्कि एक दस्ता सादे कपड़ों में रिंग तथा रेसकोर्स के अंदर तैनात भी हुआ। यह बात और है कि बुकियों में इसके बावजूद खासा खौफ छाया है। यही नहीं आज रिंग में स्टॉल जरूर खुले लेकिन कारोबार न के बराबर हुआ।

 

कुछ गुंडों ने आकर बुकियों को आज आकर जीएसटी नंबरों के लिए कुछ कथित गुंडों ने दादागिरी की। उन्होंने बुकियों से कहा कि वे अपना जीएसटी नंबर उन्हें बताएं नहीं तो उनके खिलाफ तमाम अधिकारियों को सूचना पहुंचाई जाएगी। परेशानहाल बुकियों के लिए आज भी हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं।

मुंबई रेसकोर्स के अधिकृत बुकियों को हफ्ते के लिए न केवल धमकाया जा रही है बल्कि एक बुकी का दो हफ्ते पहले अपहरण करके 15 लाख रुपए की फिरौती वसूली भी की है। बुरी तरह डरे बुकियों ने कारोबार बंद कर दिया था। इस हड़ताल से बुकियों को लाखों का, तो रेसकोर्स को करोड़ों रुपए रोजाना घाटा होने लगा था।

 

2 बनाम 10 फीसदी जीएसटी

मुंबई के महालक्ष्मी स्थित रॉयल वेस्टर्न इंडिया टर्फ क्लब (आरडब्ल्यूआईटीसी) का रिंग हालांकी आज चालू हुआ लेकिन वहां पंटरों की उतनी चहल-पहल दर्ज नहीं हुई। इसका कारणएक सूत्र ने बताया कि पहले अधिकृत बुकी दो फीसदी जीएसटी काट रहे थे, अब वे 10 फीसदी काटने लगे हैं। इसके कारण दांव लगाने वाले पंटरों की संख्या में भारी कमी देखी गई।

 

एक पंटर के मुताबिक पूरे देश में 10 फीसदी जीएसटी हर दांव पर काटा जाता था। इसके बावजूद मुंबई रेसकोर्स में यह 2 फीसदी ही काटा जा रहा था। जबसे गुंडों ने उन्हें धमकाना शुरू किया है, उन्होंने तय कर लिया है कि वे पूरा जीएसटी वसूलेंगे।

 

बता दें कि गुंडों ने करोड़ों रुपए का हफ्ता हर साल देने की शर्त रखी थी। रकम न देने पर यह धमकी दी कि बुकियों और रेसकोर्स प्रबंधन के पीछे जीएसटी व आयकर अधिकारियों को लगाएंगे। सीबीआई में शिकायत करेंगे।

 

पता चला है कि आज कुछ गुंडों ने रिंग में आकर कुछ बुकियों के स्टॉल पर हंगामा भी किया। वे दबाव डालने लगे कि उन्हें अपने जीएसटी नंबर बताएं। एक पंटर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कुछ लोग आकर स्टॉल के पास में हंगामा करने लगे। उनके साथ वकील भी थे। वे जोर डाल रहे थे कि बुकी अपने-अपने जीएसटी नंबर उन्हें बताएं। इसके कारण काफी समय तक वहां हंगामा होता रहा।

 

इतना हंगामा होने के बावजूद पिछले आरडब्ल्यूआईटीसी पदाधिकारी अभी भी चुप्पी लगाए हुए हैं। न अभी तक पुलिस में शिकायत दर्ज हुई है, न पुलिस बंदोबस्त के लिए पुलिस से संपर्क किया है।

 

बुकियों ने दावा किया है कि पुलिस अधिकारी कह रहे हैं कि लिखित नामजद शिकायत दें ताकी गुंडों के खिलाफ सीधे कार्रवाई हो सके।

 

बाहर कैसे करें सुरक्षा

पता चला है कि आरडब्ल्यूआईटीसी के अध्यक्ष खुसरू धनजी भाई ने पुणे रेसकोर्स में पदाधिकारियों, बुकियों और बड़े पंटरों के साथ पांच अगस्त को एक बैठक बुलाई थी, वहां आगे की योजना पर चर्चा होनी थी। यह बैठक उस दिन नहीं हो सकी।

 

पूरे मामले से वाकिफ एक सूत्र का कहना है कि अगले दिन हुई बैठक में रेसकोर्स पदाधिकारियों ने कहा कि वे अपनी सरहद के अंदर तो बुकियों को सुरक्षा दे सकते हैं लेकिन बाहर वे कहां और कब जाते हैं, उनके साथ क्या होता है, उसकी जिम्मेदारी वे नहीं ले सकते हैं। रेसकोर्स के बाहर सुरक्षा मुहैय्या करवाना उनके बस की बात नहीं है। इसके कारण बुकियों में और घबराहट फैल गई। उन्होंने तय कर लिया कि जब तक मामला सुलझ नहीं जाता है, वे रिंग में जाएंगे ही नहीं।

 

इन हालात में मुंबई रेसकोर्स में स्थिति वही ढाक के तीन पात हो रखी है। संभव है कि आगामी कुछ दिनों तक हालात जस के तस बने रहेंगे।

 

(सभी चित्र साभार – पुणे रोसकोर्स, आरडब्ल्यूआईटीसी पोर्टल)

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