कोड्स डीकोडेड: दिल्ली की सत्य घटना पर आधारित उपन्यास

उपन्यास कोड्स इस पुस्तक का पहला खंड है।

इस खंड में पाठकों को पता चलता है कि माजिद की मौत नहीं हुई तो क्या हुआ?

कैसे माजिद की मां शबनम को पता चला कि वह लाश उसके बेटे माजिद की नहीं है?

जिसकी लाश निकली, वह औरत कौन है? क्या प्रताप और उसकी टीम मिल कर औरत के बारे में पुख्ता जानकारी निकालने में सफल रहे?

माजिद असल में है कौन?

वह आखिर किस इरादे से दिल्ली आया था?

आखिरकार क्यों प्रताप जैसा ईमानदार, समझदार, तेजतर्रार पुलिस अफसर भी माजिद के मायाजाल में जा फंसा?

क्या वाकई माजिद के संबंध लश्कर-ए-तैयबा जैसे खतरनाक आतंकी गिरोह से हैं?

माजिद पागल था या नहीं?

क्या प्रताप वापस स्पेशल सेल में लौट कर उसी दमखम के साथ यह छानबीन कर पाया?

जब आगाज ऐसा सिर घुमाने वाला था, तो क्या अंजाम भी वैसा ही  हुआ?

हिंदुस्तान में कत्लेआम मचा रहे जिहादियों के खिलाफ प्रताप की मुहिम क्या रंग लाई?

क्या वह आतंकवादियों का पूरी तरह से दिल्ली में सफाया करने में कामयाब रहा?

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