मरकज़ नहीं, देश के नेता फैला रहे है कोरोना

देश में अभी लॉकडाउन चल रहा है, कोरोना कहर बरपा रहा है, जिसके कारण लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग लागू करने के लिए देश की सरकार कड़ी मेहनत कर रही है। उसके ठीक उलट कुछ जनप्रतिनिधि, खास कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक और सांसद खुलेआम इसकी धज्जियां उड़ा रहे हैं, और इसमें उनका साथ दे रहा है गृह मंत्रालय।

देश के विभिन्न राज्यों मे लॉकडाउन कि वजह से फंसे गरीब मजदूर केन्द्र और राज्य सरकारों से अपने घर जाने की गुहार लगा रहे हैं, सरकारों के कानों पर लेकिन जूं तक नहीं रेगती है। जब सांसदों-विधायकों के परिवार, शुभचिंतक या रईसजादों की बात आती है, तो सरकार सभी नियमों की धज्जियां उड़ा देती है।

पिछले दिनों कर्नाटक के भाजपा विधायक के कहने पर उत्तरप्रदेश कि योगी सरकार ने संभ्रांत परिवार के कई हजार बच्चों को तीन सौ बसें कोटा भेज कर वहां फंसे राज्य के छात्रों को निकाला।

अब बिहार में हिसुआ से भाजपा विधायक अनिल सिंह द्वारा कोटा में फंसी अपनी बेटी रश्मि को तालाबंदी अवधि में वापस लाने के लिए सरकार पर दबाव डालने पर सरकार ने तालाबंदी तोड़ने की अनुमति दे दी।

अपने बचाव में हिसुआ विधायक ने कहा कि वे एक जिम्मेवार व्यक्ति हैं। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के आदेशों-निर्देशों की कद्र करते हैं, जो कर रहे हैँ, उनके आदेश का पालन कर रहे हैँ।

महाराष्ट्र में चाहे भाजपा की सरकार ना हो, फिर भी राज्य में वर्चस्व भाजपा का ही है। यहाँ तिकड़ी सरकार है और विपक्ष में भाजपा बहुत मजबूत है। इसी का लाभ उठा कर वर्धा से भाजपा विधायक दादाराव केचे ने तालाबंदी के बावजूद अपना जन्मदिन बड़े धूमधाम से मनाते हुए मोदी सरकार के तालाबंदी की धज्जियां उड़ा दी।

महाराष्ट्र में तालाबंदी नियमों का उल्लंघन करने पर पुलिस ने बीजेपी विधायक पर केस दर्ज किया है। केस दर्ज होने के बाद वर्धा से बीजेपी विधायक दादाराव केचे ने सफाई दी है।

दादाराव केचे ने कहा कि जन्मदिन पर उनके घर के बाहर अनाज लेने के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई। लोगों ने तालाबंदी के नियमों का उल्लंघन किया।

कर्नाटक में तुरवकेरे से भाजपा विधायक एम जयराम ने तुमकुर के सरकारी स्कूल में अपने जन्मदिन की दावत रखी। इस पार्टी में गुब्बी तालुका की जनता बड़ी संख्या में आई। इस पार्टी में जनता का स्वागत बिरयानी खिला कर हुआ। इस दौरान लोगों ने मास्क पहन रखे थे, लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग की कोई परवाह नहीं की।

इनके जैसे लापरवाह नेताओं के कारण सोशल डिस्टेंसिंग का कोई मतलू नहीं रह गया है। इनकी वजह से देश भर में कोरोना के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। केन्द्र सरकार तथा उनकी गुलाम मिडिया मरकज़ को कोरोना के फैलाव में जिम्मेदार ठहराती है। ऐसे लोगों को न सरकारी आदेशों की परवाह है, न लोगों की सुरक्षा का ख्याल।

ऋषिकेश राजोरिया

लेख में प्रकट विचार लेखक के हैं। इससे इंडिया क्राईम के संपादक या प्रबंधन का सहमत होना आवश्यक नहीं है – संपादक

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