स्कोर्पियो विस्फ्टोक कांड – यह संयोग है या प्रयोग?

आरएसएस का मुख्यालय नागपुर में है.

अंबानी के अंटालिया बंगले के समीप  मिली कार में बरामद जिलेटिन नागपुर के छिंदवाडा रोड स्थित कारखाने में बनी है.

जिलेटिन लाइसेंस शुदा ही खरीद सकते हैं पर यह किसने खरीदी कारखाने को नहीं पता.

परमवीर सिंह के नागपुर के राजनेताओं से घनिष्ठ संबंध है.

सागर मोघे नागपुर से भाजपा विधायक है जिन्हे भाजपा में लाने का श्रेय तत्कालीन भाजपा प्रदेशाध्यक्ष देवेंद्र फडणवीस को है.

सागर मोघे की बेटी राधिका परमवीर सिंह के बेटे रोशन को ब्याही है इसके बाद ही फडणवीस ने परमवीर को ठाणे का पुलिस आयुक्त बनाया था पिछले सरकार में पांच साल तक गृह विभाग मुख्य मंत्री के पास ही था.

सागर मोघे नागपुर के शिक्षण सम्राट है उनके करीब दो दर्जन शिक्षा संस्थान है.

परमवीर सिंह की पत्नी सविता सिंह एल आई सी हाउसिंग फायनान्स में स्वतंत्र निदेशक है.यह नियुक्ती केंद्र सरकार करती है.

अनिल देशमुख अब तक नागपुर के काटोल क्षेत्र से पांच बार विधायक है. हाल ही में हुए विधानपरिषद चुनाव में उन्होंने मविआ के उम्मीदवार को जीताकर फडणवीस के शिष्य महापौर जोशी को हराया और भाजपा की सन १९६० से इस सीट पर चली आ रही जागीर को खत्म किया.

अब तक दोबार महाराष्ट्र में आपरेशन लोटस फेल हो गया. कांग्रेस,सेना और एन सी पी के विधायक टूटने की बजाय भाजपा के कद्दावर नेता खडसे आघाडी में शामिल हुए.

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटील पहले ही घोषित कर चुके हैं कि आपरेशन लोटस अप्रैल में चलेगा.

हाल ही में हुए विधानसभा अधिवेशन में देवेंद्र फडणवीस ने जिलेटिन कांड, वाझे और हिरेन हत्याकांड से संबंधित सीक्रेट क्राइम डोजियर (सीडीआर) सदन में पढकर सुनाये. जो केवल सीएम और गृहमंत्री को ही पुलिस आयुक्त भेजते है.

सदन में उस समय हंगामा हुआ जब सीएम,गृह मंत्री,के पास हिरेन की पत्नी का बयान नहीं था पर फडणवीस उसे पढकर सुना रहे थे.

परमवीर वाझे केस में एन आई ए के प्रवेश के बाद दिल्ली गये और किसे मिले यह सस्पेंस है. लौटकर उन्होंने सीएम को बगैर हस्ताक्षर की चिठ्ठी लिखकर देशमुख पर संगीन आरोप लगायें.

सारे आरोपों की जड़े परमवीर सिंह से जुडी होने के बावजूद एन आई ए ने अभी तक उनसे कोई पूछताछ नहीं की है.

भाजपा 288 में से 167 विधायकों के समर्थन वाली सरकार बरखास्त कर राष्ट्रपती शासन लगाने की मांग कर रही है.

गुजरात में अमित शहा गृहमंत्री थे तब इशरत जहान एन्काऊंटर हुआ, आइ ए एस संजीव भट्ट जिन पर शक है कि उनके पास मानसी सोनी नरेंद्र कांड की सीडी है,अभी तक जेल में सड रहे है.वंजारा,गोध्रा कांड के बावजूद वहां कभी राष्ट्रपती शासन लागु नहीं हुआ.

सत्यपाल सिंह भी नवी मुंबई के सीपी थे जो बागपत से भाजपा के टिकट पर चुनें गये और अब लोकसभा सांसद है.

पांडिच्चेरी में उप राज्यपाल का पद खाली है और वह अमित शाह का गृह मंत्रालय भरेगा.

Leave a Reply

%d bloggers like this:
Web Design BangladeshBangladesh Online Market