किताब : दत्तात्रय लॉज: बॉलीवुड के बरबाद सपनों की बारात
दत्तात्रय लॉज: बॉलीवुड के बरबाद सपनों की बारातलेखक – विवेक अग्रवालपृष्ठ – 184 / अध्याय – 20 ‘दत्तात्रय लॉज’ बॉलीवुड
Read moreदत्तात्रय लॉज: बॉलीवुड के बरबाद सपनों की बारातलेखक – विवेक अग्रवालपृष्ठ – 184 / अध्याय – 20 ‘दत्तात्रय लॉज’ बॉलीवुड
Read moreमुठभेड़ : घनसू डकैत से 59 घंटों की मुठभेड़ पर आधारित रोमांचक शोधपरक उपन्यासलेखक – विवेक अग्रवालपृष्ठ – 192 /
Read moreकिताब : अदृश्यलेखक – विवेक अग्रवाल – अलका अग्रवाल सिगतियापृष्ठ – 200 / अध्याय – 18 एक फिल्म का साहित्यिक
Read moreकिताब : आंसू: वासना का नरक भोगता बचपनलेखक – विवेक अग्रवालपृष्ठ – 195 / अध्याय – 24 बाल यौन उत्पीड़न
Read moreकिताब : बार-बंदी : बर्बाद बारों की बेनूर बारातलेखक – विवेक अग्रवालपृष्ठ – 274 / अध्याय – 17 हम पहुंच
Read moreअंडरवर्ल्ड बुलेट्स : मुंबई माफिया के अनसुने किस्सेलेखक – विवेक अग्रवालपृष्ठ – 330 / अध्याय – 113 यह किताब मनोरंजन
Read moreअंडरवर्ल्ड दाने : मुंबई माफिया के अनसुने किस्सेलेखक – विवेक अग्रवालपृष्ठ – 176 / अध्याय – 100 मुंबई माफिया के
Read moreनरक सरहद पार: पाक की वहशी जेलों से जिंदा लौटे जासूस की सच्ची दास्तांपृष्ठ – 444 / अध्याय – 12
Read moreअछूत कुत्ता: कुरीतियों के खिलाफ कलमपृष्ठ – 165 / अध्याय – 33 भारत ही नहीं, पूरा विश्व अजब-गजब किस्म की
Read moreहिंदी में VIVEK AGRAWAL, a journalist with 3 decades of vast experience in the field of crime, defense, legal &
Read moreविवेक अग्रवाल की मुंबई के डांस बारों में काम करने वाली बारबालाओं की जिंदगी में झांकने के बाद लिखी पुस्तक
Read moreविवेक अग्रवाल की मुंबई के डांस बारों में काम करने वाली बारबालाओं की जिंदगी में झांकने के बाद लिखी पुस्तक
Read moreविवेक अग्रवाल को पत्रकारिता श्रेणी में मिला पहला पुरस्कार महाराष्ट्र राज्य हिन्दी साहित्य अकादमी का वर्ष 2016-17 का पुरस्कार मिला
Read moreसवाल: यह किताब तो ऐसी है कि इस पर बात करने भर से आप चरित्रहीन करार दिए जा सकते हैं।
Read moreमुंबई का डांस बारों पर हंगामा सभी ने खूब मचाया। सरकार ने दादागिरी दिखा कर मुंबई के डांस बारों पर
Read more“बॉंबे बार – चिटके तो फटके” का विमोचन 13 जनवरी 2018 को विश्व पुस्तक मेला, दिल्ली में संसदीय राजभाषा समिती
Read moreजो कर गया, वो घर गया, जो डर गया, वो मर गया। मुंबई के गिरोहबाजों और उनके सरगनाओं, सेनापतियों, सिपहसालारों,
Read moreएंथोनी कालिया ऐसा क्रूरकर्मा था कि उसका नाम आतंक का पर्यायवाची था। वो जितना खतरनाक था, जैसी उसकी हरकतें थीं,
Read moreमुंबईया झोपड़पट्टी दादा अमूमन गिरोहबाजों के संरक्षण में काम करते हैं। सरगनाओं को बदले में मोटा हफ्ता देते हैं। इसके
Read moreकुख्यात, सनकी, दीदावर, खतरनाक गुंडे आरिफ कालिया से पुलिस अधिकारी भी डरते थे। दो मुठभेड़ विशेषज्ञ अधिकारियों को आरिफ के
Read more