डॉन रवि पुजारी की गिरफ्तारी के पीछे है एक इंस्पेक्टर!

  • ना मोदी ने, ना कुमारस्वामी ने करवाया गिरफ्तार रवि को
  • रवि पुजारी की हुई मैंगलोर के एक इंस्पेक्टर के कारण
  • इंस्पेक्टर के भागीदार को धमकाया रवि पुजारी ने
  • पंजे झाड़ कर इंस्पेक्टर पड़ा पीछे, करवाया गिरफ्तार 

विवेक अग्रवाल

मुंबई, 6 फरवरी, 2019

पश्चिम अफ्रीकी देश सेनेगल में गिरफ्तार भारतीय गिरोह सरगना रवि पुजारी को गिरफ्तार करवे का श्रेय लेने और देने का खेल खूब खेला जा रहा लेकिन इसकी सच्चाई लोगों को पता ही नहीं है। सच तो यह है कि मैंगलोर के एक इंस्पेक्टर की जिद के कारण रवि पुजारी की गिरफ्तारी संभव हुई है।

रवि पुजारी की पुरानी तस्वीर

तमाम अखबारों, समाचार चैनलों और पोर्टल पर यह खबर प्रमुखता से प्रकाशित होने लगी कि मुबंई के गिरोहबाज रवि सुल्या पुजारी उर्फ आरपी की गिरफ्तारी मोदी सरकार की एक और बड़ी सफलता है। इसके खंडन करते हुए कर्नाटक के मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने कहा कि इस गिरफ्तारी में उनके राज्य की पुलिस का हाथ है।

दूसरी तरफ गुजरात और महाराष्ट्र पुलिस भी खुद की पीठ इस सिलसिले में थपथपा रही है। दोनों ही राज्यों की पुलिस यह जताने की भरपूर कोशिश कर रही हैं कि इस भारतीय गिरोह सरगना की गिरफ्तारी के पीछे उनका ही असली हाथ औह मेहनत है।

आधा सच – आधा फसाना

रवि पुजारी की गिरफ्तारी को मोदी सरकार की बड़ी जीत के रूप में ढोल बजा कर दुनिया के सामन  प्रचारित करना पूरी तरह गलत है। सच कुछ यूं देख सकते हैं कि बंगलुरू पुलिस ने अपने स्तर पर इस मामले में काम किया। उन्होंने रवि की गिरफ्तारी के लिए सीबीआई के जरिए इंटरपोल में जानकारी भेजी, रवि पुजारी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाया, उसे गिरफ्तार करवाने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। यह भी आधा ही सच है।

रवि पुजारी की पुरानी तस्वीर

तो सच क्या है

मेंगलोर में शेणाय नामक एक व्यक्ति काफी समय से रवि पुजारी के पीछे पड़ा था। दरअसल इसे रवि पुजारी ने हफ्तावसूली के लिए जान से मारने की धमकी दी थी। तबसे ही उसके मन में रवि पुजारी के खिलाफ जबरदस्त आक्रोश था। इसके साथ ही मेंगलोर पुलिस के एक इंस्पेक्टर रमन (नाम परिवर्तित ) के एक भागीदार से हफ्तावसूली के लिए फोन किया। उससे एक करोड़ रुपए की मांग रवि पुजारी ने की।

रवि पुजारी को इस इंस्पेक्टर ने फोन करके समझाया कि वह जिससे रकम मांग रहा है, वो व्यक्ति उसका कारोबारी दोस्त है। वे साथ में कारोबार कर रहे हैं। उनकी भागीदारी है। रवि को इंस्पेक्टर ने समझाना चाहा कि इस व्यक्ति से हप्ता न मांगे। इसके बारे में मुंबई के एक और दक्षिण भारतीय मूल के गिरोहबाज ने भी रवि पुजारी को समझाया कि बीस-पच्चीस लाख रुपए लेकर मामला छोड़ दे। रवि पुजारी अड़ गया कि वह तो एक खोका (करोड़) से कम नहीं लेगा।

नाराज इंस्पेक्टर ने अब रवि पुजारी के बारे में तमाम जानकारियां हासिल करनी शुरू कर दीं। उसे पता चला कि रवि पुजारी के दो खास प्यादे मुंबई में गिरफ्तार हुए हैं। एक का नाम आकाश शेट्टी है, दूसरा विलियम रॉडिग्स है। मुंबई और आसपास के इलाकों में रहने और काम करने वाले बिल्डरों और अमीरों के बारे में तमाम जानकारियां ये दोनों रवि पुजारी को देते थे। इन दोनो से पता चला कि रवि पुजारी ने दुनिया भर के कई देशों में रेस्तोंरा खोले हैं। एक रेस्तोंरा सेनेगल में भी खोला है। निश्चित ठिकाना तो पता नहीं है लेकिन सेनेगल का सबसे नया रेस्तोंरा है।

जब तक ये जानकारिया मिलतीं, उसके पहले ही यह नाराज इंस्पेक्टर मेंगलोर पुलिस से रियाटर हो गया। इस जानकारी के आधार पर उक्त नाराज रिटायर इंस्पेक्टर ने रवि पुजारी की मुश्कें कसने के लिए और भी सूचनाएं हासिल करनी शुरू कर दीं। उसे यह पता चला कि सेनेगल की राजधानी डकार में रवि ने नया रेस्तोंरा खोला है। उसने डकार के रेस्तोंरा की जानकारी निकाल कर सब कुछ बड़े अफसरान तक पहुंचाने का इंतजाम कर दिया। इसके बाद की कहानी आसमान से बरसते पानी की तरह साफ है।

आकाश की गिरफ्तारी मेंगलोर में

आकाश को मेंगलोर में एक विवाह समारोह से मुंबई पुलिस की अपराध शाखा का एक दस्ता गिरफ्तार करके लाया था।

सन 2017 में रवि का एक खास साथी दशरथ शिंदे की गिरफ्तारी मुंबई पुलिस ने की। इसके बाद रवि पुजारी के हफ्तावसूली का मामला खासा गड़बड़ा गया।

2018 के सितंबर-अक्तूबर माह से रवि पुजारी ने फिर धमकियों का सिलसिला शुरू कर दिया। पुलिस के पास रवि की धमकियों के शिकार बने लोग शिकायतें लेकर पहुंचने लगे।

आकाश शेट्टी आया

जब पुलिस अधिकारियों ने जांच शुरू की तो पाया कि आकाश शेट्टी अब रवि पुजारी के साथ मिल कर काम करने लगा है। अपराध शाखा अधिकारियों ने तुरंत आकाश पर शिकंजा कसना शुरु किया। उन्होंने पता किया कि आकाश ने उडुपी में एक होटल खोला है। इस होटल का इस्तेमाल गिरोह के लिए आड़ के तौर पर होगा।

अपराध शाखा का एक दस्ता इस होटल तक पहुंच बनाने और उस पर छापा मारने में कामयाब रहा। वहां आकाश नहीं मिला। इसके बाद पता चला कि वह किसी विवाह समारोह में शामिल हने गया है। उसकी जानकारी लेकर पुलिस दस्ता वहां पहुंचा। तब तक आकाश वहां से गायब हो चुका था।

पुलिस अधिकारियों ने हार नहीं मानी। लगभग पांच किलोमीटर से अधिक आकाश का पीछा हुआ। उसके बाद ही आकाश हत्थे चढ़ा।

आकाश से रोड्रिग्स के बारे में पता चला तो उसे दबोचना पुलिस के लिए बांए हाथ का खेल साबित हुआ। उनसे पूछताछ के कारण रवि के कुछ नए नंबरों के बारे में भी पुलिस को जानकारियां मिलीं। इसके अलावा अफसरान को रवि के विदेशों कई ठिकानों की जानकारी भी हासिल हुईं।

पुलिस को रवि के पास एंथोनी फर्नांडिज के नाम का नकली पासपोर्ट होने की जानकारी भी इनसे ही मिली थी।

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