मटका माफिया के बुरे दिन #05: मेनबाजार मटका के पीछे पड़ी कोल्हापुर पुलिस

  • एक बुकी की गलती से बंद हुआ मेन बाजार मटका
  • कोल्हापुर में हुई मेन बाजार मटका बंदी की शुरूआत
  • पुलिस अधिकारी पर हमला मंहगा पड़ा बुकी और गुर्गों को
  • पुलिस ने लगाया 42 पर मोका, जमानत के पड़े लाले

विवेक अग्रवाल

मुंबई, 3 जुलाई 2019

वर्तमान मटका किंग प्रकाश हीरजी सावला उर्फ पप्पू सावला की मुसीबतों के पीछे खुद उसकी गलतियां जितनी जिम्मेदार हैं, उससे कहीं अधिक कोल्हापुर के बुकी सलीम मुल्ला की हरकत भारी पड़ गई। बुकि सलीम मुल्ला ने एक कोल्हापुर में आईपीएस की सदारत में छापामारी कर रहे पुलिस दस्ते पर जानलेवा हमला क्या किया, पुलिस पंजे झाड़ कर मेन बाजार मटका गिरोह को ही नेस्तोनाबूद करने पर आमादा हो गई। अब तक पुलिस पप्पू सावला के बेटे विरल सावला समेत कुल 42 लोगों को गिरफ्तार कर कठोर कानून मोका के तहत जेल की सलाखों के पीछे चुकी है।

पुलिस का छापा

कोल्हापुर के यादवनगर पांजरपोल इलाके में मटका अड्डे पर छापा मारने ट्रेनी असिस्टेंट एसपी (एएसपी) ऐश्वर्या शर्मा की सदारत में एक दस्ता पहुंचा था।

पता चला कि यादवनगर पांजरपोल परिसरात पूर्व महापौर शमा मुल्ला के पती सलीम मुल्ला का मटका जोरों से चलने की जानकारी एसपी डॉ. अभिनव देशमुख को मुखबिरों से मिली थी। उन्होंने राजारामपुरी थाने के इं. सुनील पाटिल से संपर्क किया। वे अदालती काम से मुंबई गए थे।

एसपी देशमुख ने एएसपी ऐश्वर्या शर्मा को छापामारी के आदेश दिए। वे 12 पुलिसकर्मियों का दस्ता लेकर रात 8.30 बजे यादवनगर पहुंचीं। उन्होंने पाया कि सलीम मुल्ला के इंडियन ग्रुप के दफ्तर और उसके पीछे बने दोमंजिले घर में मटका चल रहा है। वहां लगभग 40 लोग मटका लगा रहे थे।

पर्ची नहीं, कैश चाहिए

यादवनगर में जब पुलिस दस्ता सलीम मुल्ला के दफ्तर के पिछले हिस्से में बने घर में पहुंचा तो बाहर से ताला लगा दिखा। ताला तोड़ने पर अंदर मटके की रकम का हिसाब-किताब करते कुछ लोग मिले। उन्होंने मटके की पर्चियां पुलिस के सामने पेश कर दीं।

एएसपी शर्मा ने कहा कि ‘मुझे पर्ची नहीं, कैश चाहिए…’ वहां मौजूद एक व्यक्ति ने बताया कि कैश सामने है। पुलिस दस्ता इसके बाद तुरंत सलीम के घर की तरफ भागा ताकी नकद गायब होने के पहले ही जब्त कर सकें।

पुलिस पर हमला

छापा पड़ते ही लोग हड़बड़ा उठे। पुलिस अधिकारियों ने सबको हिरासत में लेकर कमरे में बैठा दिया। सलीम मुल्ला के घर की तलाशी लेने पहुंची एएसपी शर्मा को देख पूर्व उपमहापौर शमा मुल्ला व सलीम मुल्ला ने इलाके के गुंडों को फोन करके बुला लिया। बाहर 400 लोगों का जमघट लग गया।

पुलिस ने दावा किया कि अपने घर में मुल्ला दंपत्ती ने एएसपी शर्मा समेत बाकी पुलिस अधिकारियों पर हमला कर दिया। लाठी लिए पुलिस अधिकारियों के लिए इतनी बड़ी भीड़ से भिड़ना मुश्किल हो गया।

पुलिस के मुताबिक हमले में 400 से अधिक लोग शामिल थे। हमलावरों ने कई पुलिसकर्मियों को बुरी तरह पीटा। आयपीएस शर्मा के बॉडीगार्ड निरंजन बालासाहेब पाटिल और कांस्टेबल ज्ञानेश्वर विठ्ठल माली के साथ मारपीट की।

एएसपी शर्मा के बॉडीगार्ड निरंजन पाटिल के पास सरकारी पिस्तौल थी, जिसे सलीम मुल्ला ने देख लिया। उसके साथियों ने निरंजन पाटिल पर हमला कर दिया। उनके कपड़े फाड़ दिए। उनसे पिस्तौल छीन कर उन पर ही तान दी और वहां भाग गए।

3 लाख की पिस्तौल

एएसपी ऐश्वर्या शर्मा को विदेशी सर्विस पिस्तौल दी गई थी। वह पिस्तौल उनके पुलिस बॉडीगार्ड निरंजन पाटिल के पास रहती थी। इसकी कीमत तीन लाख रुपए है। पिस्तौल के साथ 10 गोलियां भी थीं।

पहुंची कुमुक

मामले की जानकारी तुरंत कंट्रोल रूम में वायरलेस पर दी गई। तुरंत राजारामपुरी, लक्ष्मीपुरी, करवीर, जूना राजवाडा, शाहूपुरी, गांधीनगर पुलिस थानों के अलावा अपराध शाखा, एसआरपीएफ, क्विक रिस्पांस टीम, के 200 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों की सशस्त्र फौज मौके पर भेजी। अतिरिक्त एसपी तिरुपती काकड़े, करवीर के डीएसपी डॉ. प्रशांत अमृतकर, एसपी तानाजी सावंत, संजय मोरे, वसंत बाबर भी मौके पर जा पहुंचे।

पुलिस की तगड़ी हथियारबंद फौज देख कर इलाके के लोगों का खून सूख गया। तुरंत पूरे मुहल्ले में सन्नाटा छा गया। घरों के खिड़की – दरवाजे बंद हो गए।

एएसपी ऐश्वर्या शर्मा से बातचीत के बाद इलाके में कोबिंग ऑपरेशन शुरू हुआ। घर का दरवाजा मुल्ला दंपत्ति ने बंद कर दिया। पुलिस दल के बार-बार कहने पर दरवाजा नहीं खोला तो दरवाजा तोड़ कर पुलिस अंदर जा घुसी।

मुल्ला परिवार ने घर के अंदर-बाहर सीसीटीवी कैमरे लगा रखे हैं। इसके फुटेज भी पुलिस ने हासिल कर लिए हैं। इस फुटेज के आधार पर पुलिस ने 40 लोगों पर मामला दर्ज कर पूर्व उपमहापौर शमा मुल्ला, नीलेश दिलीप काले, राजू यासीन मुल्ला, सुंदर रावसाहेब दाभाड़े, पिंपू ऊर्फ सलमान आदम मुल्ला (सभी यादवनगर निवासी) समेत 25 लोगों को पहली रात ही गिरफ्तार कर लिया। सरकारी पिस्तौल बरामद न हुई।

मौके से मटके की रकम ढाई लाख की नकद, साहूकारी की फाईलें, मटका का सामान, काफी सारे दस्तावेज, बैंक पासबुक, इत्यादि बरामद कीं। कुल बैंक की छह पासबुक मिलीं। हर खाते में पांच लाख से ऊपर रकम जमा थी। इसके अलावा जमीनों की खरीद-फरोख्त की कई फाईलें जब्त कीं। पुलिस का कहना है कि ये संपत्ति खरीद-फरोख्त सलीम मुल्ला द्वारा द्वारा चलाई जा रही अवैध साहूकारी से संबंधित हैं।

महिलाओं ने घेरा थाना

शमा मुल्ला समेत 24 आरोपियों को राजारामपुरी थाने में पुलिस अधिकारियों ने रात में रखा था। उन्हें अगले दिन अदालत में पेश करना था। इस दौरान रात में ही यादवनगर पांजरपोल इलाके की सैंकड़ों महिलाएं थाने के बाहर जमा हो गईं। वे पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगीं।

पुलिस ने महिलाओं की आड़ में मटका माफिया द्वारा शमा और सलीम मुल्ला समेत तमाम आरोपियों को छुड़ाने के लिए हमले होने आशंका में सशस्त्र पुलिस बंदोबस्त तैनात किया। माहौल तणावपूर्ण हो चला। महिलाओं का आरोप था कि उनके बेटे, पति, भाई, पिता को पुलिस ने अनजाने आरोपों में गिरफ्तार किया है।

सलीम भागते फिरा

मुख्य आरोपी सलीम मुल्ला के भाई जावेद और फिरोज के अलावा बाकी गुर्गों मंगेश सुतार, सुंदभ दाभाडे, नीलेश काले, सुहेल जमादार, समीर, मंदार, भोल्या, पप्या, नियाज मुजावर हमले के बाद मौके से भाग निकले।

तमाम आरोपी कोल्हापुर से बाहर न निकल सकें, इसके लिए पुलिस ने शहर भऱ के तमाम रास्तों पर नाकाबंदी कर दी। उनके छुपने के हर संभावित ठिकाने पर छापामारी अभियान जारी रखा। सभी आरोपियों पर ऐसा मानसिक दबाव तैयार कर दिया कि वे एक ही जगह पर छुपे रहने को मजबूर हो गए।

सलीम मुल्ला, फिरोज मुल्ला, जावेद मुल्ला, अभिजित येडगे इत्यादि आदतन अपराधी हैं। उनके खिलाफ हत्या, हत्या की कोशिश, डकैती, लूटपाट, मारपीट, मटका जुआ जैसे कई मामले कई थानों में दर्ज हैं।

सलीम मुल्ला पर 52, राजू मुल्ला पर 19, फिरोज मुल्ला पर आठ, जावेद मुल्ला के खिलाफ तीन मामले पहसे से दर्ज हैं।

हत्थे चढ़ा सलीम

फरार होने के बाद सलीम और साथी निपाणी, जत, इंगली जैसे गांवों में छुपते रहे। पुलिस दस्तों ने उनकी गिरफ्तार के लिए रात-दिन एक कर दिए। इं. तानाजी सावंत के मुताबिक जयसिंगपुर-मिरज रोड पर नीलजी फाटा के पास नायकवडी मोहल्ले में तहसीलदार की खेती में बने एक मकान में तीनों छुपे थे। एक मुखबिर की सूचना पर छापा मारा।

सलीम मुल्ला समेत तीनों गुंडों की जानकारी मिलते ही कोल्हापुर पुलिस की अपराध शाखा अधिकारियों ने 11 अप्रैल 2019 को छापा मारा। सलीम यासीन मुल्ला (41), उसके भाई फिरोज मुल्ला (28), अभिजीत अनिल येडगे (30) सभी यादवनगर निवासी को धर दबोचा। इनसे तीन मोबाईल, 15 हजार नकदी जप्त की।

सबको राजारामपुरी थाने को सौंप दिया। मामले की जांच इं. सुनील पाटिल कर रहे हैं। 15 अप्रैल 2019 को अदालत में पेश किया।

पंचनामे का पंच

कुल 50 आरोपियों के नाम सामने आ चुके हैं। पुलिस ने 18 पेज का भारी-भरकम पंचनामा भरा है। पुलिस ने इस तरह सबूत जमा किए हैं कि आरोपियों को बचाव की गुंजाईश ही न रह जाए।

मटका बुकियों पर पुलिस अधिकारियों पर हमले, पुलिसकर्मियों की हत्या के प्रयास, सरकारी कर्मचारियों के काम में बाधा डालने, हथियार छीनने, डकैती, जुआ संबंधी मामले दर्ज हुए हैं।

एएसपी ऐश्वर्या शर्मा का बयान भी दर्ज हुआ है। हमले में उनका बॉडीगार्ड निरंजन पाटिल भी जखमी हुआ था। पुलिस ने न केवल कोल्हापुर बल्कि करीबी इलाकों में कई दस्ते बना कर कई दिनों तक छापामारी का ऐसा सिलसिला शुरू किया कि तमाम मटका-सट्टा अपराधियों में सन्नाटा छा गया है।

राजनीतिक आका न आए काम

सलीम और शमा मुल्ला ने हरचंद खूब कोशिश कर डाली कि मोका में कार्रवाई न हो। इसके लिए उन्होंने राजनीतिक आकाओं को भी सक्रिय किया।

इस बीच यह चर्चा पूरे महाराष्ट्र में आम हो चली कि एक ताकतवर नेता की शरण में सलीम और उसके भाई जा पहुंचे हैं। यह नेता इस कोशिश में लगा है कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को समझा-बुझा कर सलीम मुल्ला समेत सभी आरोपियों को पेश करवा दे।

पता चला है कि पुलिस ने किसी भी राजनीतिक हस्ती की बात ही नहीं सुनी। उन्होंने साफ तौर पर कह दिया कि मोका के तहत मामला दर्ज किया जा चुका है। अब कुछ नहीं हो सकता है। जो इस मामले में बीच में आएगा, वह भी जांच की जद में आएगा। यह चेतावनी सुनते ही मटका माफिया के तमाम सहयोगी और खैरख्वाह पीछे हट गए।

मटका मैनजर दबोचे

मोका लगनेके बाद कोल्हापुर पुलिस ने मटका किंग पप्पू सावला के सेनापति जयेश सेवंती लाल शाह उर्फ जेएलएफ (54) और शैलेष गुणवंतराव मणियार (60) को बुलढाणा के मलकापुर से 14 जून 2019 को पुलिस ने धर दबोचा। उसके एक साथी को भी गिरफ्तार करने में सफलता मिली।

पुलिस के मुताबिक जयेश और शैलेष बोरीवली (प) से मेन बाजार मटके कामकाज संभालते हैं। जयेश पीजा रेसीडेंसी, रामनगर, बोरिवली पश्चिम का निवासी है और शैलेश गुणवंत राव मणियार का निवास शाह भवन, बोरिवली (पूर्व) में है।

पुलिस को पता चला कि मेन बाजार मटके का कामकाज जयेश शाह संभाल रहा है। सलीम यासीन मुल्ला से पूछताछ में जयेश-शैलेष के नाम सामने आए थे। दोनों पिछले लगभग सात सालों से पप्पू सावला के मैनेजर हैं।

पुलिस ने जयेश-शैलेष को 19 जून 2019 को मोका अदालत, पुणे में पेश किया। अदालत ने उन्हें पूछताछ व जांच के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया।

पप्पू और विरल सावला के पीछे पड़ी पुलिस

13 जून 2019 को पुलिस छापा पड़ा, जिससे मेन बाजार का क्लोज़ अंक नहीं खुला था। 14 जून को मेन बाजार का काला कारोबार फिर शुरू हो गया। पप्पू सावला की इस चुनौती को कोल्हापुर पुलिस ने गंभीरता से लिया।

अब पुलिस पप्पू सावला और उसके बेटे विरल सावला और भाई जयेश सावला के पीछे भी पुलिस हाथ धोकर पड़ गई।

इस बीच पुलिस ने मुल्ला गिरोह से संबंधित इचलकरंजी के बुकी राकेश अग्रवाल, उसके राईटर अकुंश मारुती वगर, सांगली मिरज के बुकी जाकिर अब्दुल मिरजकर को भी जून 2019 के चौथे सप्ताह में ही गिरफ्तार किया।

विरल सावला गिरफ्तार

21 जून 2019 को विक्रम अपार्टमेंट, बोरिवली (प), मुंबई निवासी विरल प्रकाश सावला को पुलिस ने मुंबई से ही धर दबोचा। पुणे में विशेष मोका अदालत में पेश किया।

बेटे विरल की गिरफ्तारी होते ही पप्पू सावला सपरिवार गायब हो गया। पुलिस उसकी तलाश में लगी है लेकिन वह कहीं मिल नहीं रहा है।

एक सूत्र के मुताबिक पप्पू के खिलाफ लुकआऊट नोटिस न होने का फायदा उठा कर वह संभवतः देश के बाहर निकल चुका है।

एक सूत्र का यह कहना है कि वह देश के बाहर जाने के बदले गुजरात के कच्छ इलाके में सुरक्षित पनाहगाह में रहेगा। यहां रहते हे वह आसानी से कानूनी और गैरकानूनी तरीकों से बचाव करने की स्थिति में होगा।

कड़ी कार्रवाई के आदेश ऊपर से

पता चला है कि इस हमले के बाद महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक ने सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। एसपी डॉ. अभिनव देशमुख ने पूरे मामले में आरपार की लड़ाई लड़ने का फैसला किया। कोल्हापुर सिटी डीएसपी प्रेरणा कट्टे आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही हैं।

गिरफ्तार आरोपी

पूर्व उपमहापौर शमा सलीम मुल्ला, मटका बुकी सलीम मुल्ला, तौफिक सद्दाक सिकलगर (निवासी सदर बाजार), फिरोज खलील मुजावर, शाहरुख रफीक लाड, जावेद शौकत नाचरे, अजय बालासाहेब कांबले, शाहरुख रफीक लाड, उमेर मुजाहिद मोमीन, साहिल नियाज मुजावर, ओंकार रविंद्र पारीसवाडकर, आकाश लक्ष्मण पोवार, रोहित बालू गायकवाड, टीपू मुल्ला, सुनील दाभाडे, सज्जाद इसाक नाईकवडी (सभी निवासी यादवनगर), दिलीप वामन कवडे (निवासी सदर बाजार), विजय मारूती सांगावकर (निवासी शाहूनगर), अरिफ रफीक शेख (निवासी बीडी कामगार कॉलोनी), जमीर साहेबजी मुल्ला (निवासी राजारामपुरी, माउली पुतला), श्रीधर शिवाजी कांबले, साहिल आमिन नदाफ, मुशरीफ पठान, इमाम आदम शेख (सभी निवासी शास्त्रीनगर), रोहित बालू गायकवाड, विरल सावला (निवासी बोरीवली, मुंबई)

कब-क्या हुआ

21 जून 2019 को विरल प्रकाश सावला (30) को विक्रम अपार्टमेंट, बोरिवली (प), मुंबई से पुलिस ने हिरासत में लिया और विशेष मोका अदालत, पुणे में पेश किया। अदालत ने उसे पुलिस हिरासत दी।

19 जून 2019 को पुलिस ने जयेश शाह उर्फ जेएलएफ और शैलेष मणियार को मोका अदालत, पुणे में पेश किया। अदालत ने पुलिस हिरासत दी।

14 जून 2019 को पुलिस ने मटका किंग पप्पू सावला के सेनापति जयेश सेवंती लाल शाह उर्फ जेएलएफ (54) और शैलेष गुणवंतराव मणियार (60) को मलकापुर, बुलढाणा से धर दबोचा।

13 जून 2019 को पुलिस ने बोरीवली (प) में मेन बाजार मटका के अड्डे पर छापा मारा। इसके बाद मेन बाजार का क्लोज़ अंक नहीं खुला।

30 अप्रैल 2019 को मोका के तहत सरगना सलीम मुल्ला, उसकी पत्नी पूर्व उपमहापौर शमा मुल्ला, फिरोज यासीन मुल्ला, राजू यासीन मुल्ला, जावेद यासीन मुल्ला, सज्जाद ईसाक नाईकवडी, सुंदर दाभाडे को विशेष मोका अदालत, पुणे में पेशी हुई। सभी को 4 मई 2019 तक पुलिस हिरासत में रखने के आदेश मिले।

11 अप्रैल 2019 को सलीम मुल्ला समेत तीन गुंडों को कोल्हापुर अपराध शाखा ने गिरफ्तार किया।

10 अप्रैल 2019 की सुबह कोल्हापुर एसपी डॉ. अभिनव देशमुख ने विशेष पुलिस महानिदेशक संदीप वारके के पास सभी आरोपियों पर मोका लगाने के लिए पत्र भेजा।

10 अप्रैल 2019 की दोपहर सलीम को उसके भाई समेत अदालत में पेश किया।

9 अप्रैल 2019 को सलीम को उसके भाई समेत कोल्हापुर पुलिस ने धर दबोचा। पिस्तौल बरामद कर ली।

7 अप्रैल 2019 को निलेश दिलीप काले, राजू येशील, सुंदर रावसाहेब दाभाडे और जावेद मुल्ला समेत आज तक गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश किया। अदालत ने सबको छह दिनों की पुलिस हिरासत दी।

8 अप्रैल 2019 की रात सलीम मुल्ला गिरोह ने उनके मटका अड्डे पर छापामारी के दौरान दंगा किया। एएसपी ऐश्वर्या शर्मा के दस्ते पर हमला कर दिया। आयपीएस शर्मा के बॉडीगार्ड निरंजन बालासाहेब पाटिल और कांस्टेबल ज्ञानेश्वर विठ्ठल माली से मारपीट की। पिस्तौल छीन कर भाग गए।

कितनी कानूनी धाराएं लगीं

143 – अवैध जमाव

147 – दंगा करना

149 – साजिशन समूह में निजी रूप से अपराध करना

395 – डकैती

307 – हत्या का प्रयास

353 – सरकारी कर्मचारी को ड्यूटी करने से रोकने के लिए मारपीट और दबाव डालना

332 – सरकारी कर्मचारी को ड्यूटी करने से रोकना

155 – दंगा करके किसी को लाभ पहुंचाना

109 – आपराधियों को मदद देने

324 – हथियार अथवा घातक तरीके से चोट पहुंचाना

323 – शारीरिक नुकसान पहुंचाना 

427 – आर्थिक नुकसान पहुंचाने वाली आपराधिक हरकत करना

4 और 5 – महाराष्ट्र प्रिवेंशन ऑफ गेंबलिंग एक्ट

महाराष्ट्र प्रोबीशन एक्ट और बांबे पुलिस एक्ट की कई धाराए

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