नाला सफाई में सार्वजनिक खजाने की लूट?

02 मई 2020

श्रवण शर्मा, भाईंदर

30 अप्रैल को आयोजित स्थायी समिति की बैठक में कुछ ही मिनटों के अंदर “एमबी ब्रदर्स” को मंजूरी!

सत्तारूढ़ भाजपा और मनपा अधिकारियों की बडी बंदरबांट का अंदेशा!

एमबीएमसी द्वारा नाला खुदाई और सफाई के लिए दी जाने वाली राशि जान कर माथा चक्कर खा गया!

Man power Rs1182/- For 8 Hours Shift,

Poclain Machine Rs 2296/- Per Hour,

Poclain Machine with Boat Rs 2596/- Per Hour,

JCB Machine Rs1257/- Per Hour,

Taurus Machine Rs10,271/- Per Shift,

Hydra Machine Rs1035/- Per Hour,

Sewer Sucker Machine Rs 34,500/- Per Hour.

ज्ञात हो कि उपरोक्त दर के हिसाब से मिरा-भाईंदर मनपा, “एमबी ब्रदर्स” नामक कंपनी को अदा करेगी।

अहम सवाल यह उठते हैं कि…

1) कचरा उठाने वाली गाड़ियों का कितना खर्च आएगा तथा उसका भुगतान कौन करेगा?

2) सीमेंटीकरण वाली सड़कों के गटर का ढक्कन खोलने की सुविधा उपलब्ध है क्या?

3) 79 किलोमीटर के क्षेत्रफल में फैले शहर के गटर-नाला सफाई के लिए अंदाजन साढ़े चार से पांच हजार सफाईकर्मियों की जरूरत होगी। क्या वर्तमान परिस्थिति में इतने मजदूरों की व्यवस्था ठेकेदार कर पाऐगा? उनकी सोशल डिस्टेंसिंग कैसे मेंटेन होगी?

4) क्या मनपा के पास इन कार्यों का निरीक्षण करने के लिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपलब्धता है? कोरोना के कारण क्योंकि सभी अत्यावश्यक सेवाओं में व्यस्त हैं।

लूट का अंदेशा…

इस मामले में अंदेशा है कि ठेकेदार द्वारा सिर्फ 20 से 30 अथवा अधिक से अधिक 40 प्रतिशत ही काम किया जाएगा, लेकिन बिल का भुगतान सौ प्रतिशत काम का होगा।

इसका सीधा सा मतलब है कि जो काम किया ही नहीं जाएगा, उस काम के बिल की रकम का सत्तापक्ष, दलाल और मनपा अधिकारी आपस में बंदरबांट करेंगे, यानि सार्वजनिक खजाने को मिल कर लूटेंगे।

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