मुख्यमंत्री महाराष्ट्र उद्धव ठाकरे को वसई विरार के नागरिकों का खुला खत

Vasai road yatri sangh

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Dist – Palghar -401208(Mumbai)

Mob.9221232130

Email- vasairoad.yatrisangh@gmail.com ,            

SUNDAY, 07 November 2021

श्रीमान उद्धव ठाकरे जी

माननीय मुख्य मंत्री , महाराष्ट्र राज्य ,

मुख्य मंत्री कार्यालय , ६ ठा माला ,

डॉ . मादाम कामा रोड

मंत्रालय , मुंबई – 400032

वसई रोड यात्री संघ की मुख्य मंत्री से मांग

वसई – विरार में मीटर से चले ऑटो रिक्षा

महोदय

 वसई – विरार महानगर पालिका क्षेत्र (जिला – पालघर ) आज महानगर पालिका क्षेत्र बने 12 साल हो गए है। इन 12 सालों क्षेत्र तेजी से उभरा है और इसका भरपूर विकास हुआ है। एक ही कमी है। वसई – विरार के ऑटो रिक्शा वालों की मनमानी बढ़ती ही जा रही है । मूलभूत सुविधाओं की कमी और लापरवाही से परेशान वसई-विरार के लोगों की राह आसान नहीं दिख रही है। यहां की जनता के सामने पैसे देकर भी मुसीबत मोल लेने जैसी स्थिति है। जनता के लिए कुछ ऐसी ही परेशानी का सबब यहां के रिक्शा वाले हैं।हाल ही में उन्होने ऑटो के भाड़े अपनी मन मर्जी के अनुसार बढ़ा दिये है । उदाहरणतः पहले एवरशाइन ( वसई पूर्व ) से रेल्वे स्टेशन (वेस्ट ) तक का 10 रुपया लगता था जिसके बदले अब 20 रुपया लगने लगा है । अगरवाल नगरी वसई ईस्ट से वसई वेस्ट तक पहले 10 बाद में 12 रुपया लगता था अब अचानक 30 रुपया लगने लगा है । अग्रवाल नगरी से नालासोपारा स्टेशन का १२ रूपया लगता अब 20 रूपया लिया जा रहा है। डी मार्ट पर ऑटो रिक्शा की मनमानी देखी जा सकती है , उनका अपना ही मीनू है। अब नया मुंबई स्तर का मॉल केपिटल खुला है वहां न जाने क्या हालत होंगे।

 इतना भाडा लेने पर भी यात्री को कोई सुविधा नहीं दी जाती। ऐसा ही सब जगह है और ट्रेफिक पुलिस के सामने यह सब कुछ चलता है । आज जरुर जब डीजेल/पेट्रोल के दाम बढ़ कर घट गए है फिर भी ऑटो के दाम बढ़ते जा रहे है जबकि बहुताय ऑटो सी एन जी से चलते है। इन भावों की बढ़ोतरी में आर टी ओ की मंजूरी होती है कि नहीं , पता नहीं । अब तो ऑटो में पूरी सवारी बिठाने का भी आर्डर आ गया है पर कोई सुधार नहीं हुआ है। जनता परेशान तो है पर साथ ही मजबूर भी है । नौकरी पेशा लोगों को समय से कार्यालय पहुचना होता है । दूसरा ऑटो की जरूरत वरिष्ठ नागरिक व बीमारों को ज्यादा पड़ती है । कहाँ जाना न जाना व कितना भाड़ा वसूलना है वह इनका मौलिक अधिकार है । रात के समय तो यह मौलिक अधिकार और ज्यादा हो जाता है। वसई – विरार में पहले कहा जाता था कि ऑटो वालों को सी एन जी भरवाने मीरा रोड जाना पड़ता है इस कारण इनकों मनमानी की छुट मिलना चाहिए , पर अब तो सी एन जी पम्प वसई – विरार में भी खुल गए है सो अब मनमानी रुकना चाहिए। एक पीड़ित हरीशकुमार के अनुसार डी मार्ट के पास से सूरज बघेल के आर्थो अस्पताल से एक मरीज को 1 किलोमीटर दूर वसंत नगरी के सेक्टर 6 तक लाना था तो ऑटो वाले ने बड़ी बेशर्मी से 1 00 रुपयों की मांग की जबकि इतनी दूरी मीटर रिक्शा से आया जाय तो 25 रुपये से ज्यादा भाडा नहीं होता है।

एक दैनिक हिंदी अख़बार की माने तो ट्रैफिक पुलिस के संरक्षण के चलते वसई तालुका में सैकड़ों फर्जी ऑटो रिक्शे चल रहे हैं। वसई, विरार व नालासोपारा में ज्यादातर रिक्शा स्टैंड अवैध हैं। शहर में बिना परमिट, बैच और लाइसेंस के ज्यादातर रिक्शे चलाए जा रहे हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि तालुका में ट्रैफिक पुलिस कितनी ईमानदारी व समझदारी से काम कर रही है। हद तो यह है कि पुलिस के सामने ही रिक्शा वाले यात्रियों के साथ दादागिरी करते नजर आते हैं। रिक्शावालों की मनमानी से वसईकर परेशान हैं।पिछले कई वर्षों से वसई तालुका में सैकड़ों अवैध रिक्शे चलाए जा रहे हैं। शिकायत करने पर कार्रवाई के नाम पर यातायात पुलिस खानापूर्ति कर इन्हें छोड़ देती है। यही हाल उप प्रादेशिक परिवहन (आरटीओ) अधिकारियों का है। शिकायत के बाद भी आरटीओ इन पर कार्रवाई नहीं करती। यहां तक कि आरटीओ वसई-विरार में कभी नजर नहीं आती।

गौरतलब है कि वसई, नालासोपारा व विरार में ज्यादातर लोग नौकरीपेशा हैं। रात के समय मुंबई से घर लौटने के बाद बड़ी संख्या में लोग ऑटो से ही जाते हैं। जब कोई पैसेंजर देर रात घर लौटता है और ऑटो स्टैंड पर किसी रिक्शे वाले को मीटर से जाने के लिए कहता है, तो वह 50 रुपये की जगह डेढ़ सौ रुपये मांगता है। जब यात्री इस पर कुछ बोले, तो वह मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। \बीते कुछ महीनों में वसई तालुका में हुई अपराधिक घटनाओं पर नजर डालें, तो कई वारदातों में रिक्शा वालों का शामिल होना पाया गया है। तालुका में रिक्शावालों ने बलात्कार, छेड़छाड़, लूटपाट, मारपीट की वारदातें की हैं। वसई में हाल में चालक की छेड़छाड़ से बचने के लिए एक युवती ने चलते ऑटो से छलांग लगा दी थी। इस तरह की वारदातों में ज्यादातर बोगस रिक्शे वाले होते हैं। यहां एक ही नंबर के दो रिक्शे भी पकड़े जा चुके हैं।

वसई-विरार में जिन जगहों पर सुबह शाम भारी ट्रैफिक की समस्या होती है। वहीं, यहां के यूनियन लीडरों ने अपने-अपने रिक्शा स्टैंड बनवा रखे हैं। इन जगहों पर रिक्शा खड़ा करने पर भारी जाम की समस्या हो जाती है।बताया जाता है कि वसई तालुका में लगभग 18 हजार से अधिक रिक्शा हैं, जिसमें आधे से अधिक फर्जी बताए जा रहे हैं।

हाल ही में हमारी संस्था ने सोशल मीडिया ‘वसई लोकल ‘ में जनता की राय जानने की कोशिश की तो सैकड़ों कमेन्ट आए। उन सब में कामन बात यह थी कि रिक्शा मीटर से ही चलाना चाहिए पर इसके लिए वसई – विरार के राजनीतिक दलों की इक्षा शक्ति की कमी बताई गई है। ।ऑटो वालों की मनमानी रोकने का एक ही तरीका है , वो है कि ऑटो वाले ठाणे,मुंबई, मीरा – भायन्दर की तरह मीटर से चले। आज ठाणे,मुंबई, मीरा – भायन्दर के यात्री लोग खुश है। यह ख़ुशी वसई – विरार के यात्री लोगों को भी मिलना चाहिए।

धन्यवाद ।

अशोक भाटिया

महामंत्री – वसई रोड यात्री संघ

(विरार की सबसे पुरानी व बड़ी संस्था – वसई)

अ / 001 वैंचर अपार्टमेंट , वसंत नगरी

वसई पूर्व ( जिला पालघर ) 401208 महाराष्ट्र

मो.+919221232130

लेखक वरिष्ठ स्वतंत्र पत्रकार हैं। विगत चार दशकों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं।

अ-001 वैंचर अपार्टमेंट, वसंत नगरी, वसई पूर्व -401208 (जिला – पालघर), फोन / वाट्सएप +919221232130

(उक्त लेख में प्रकट विचार लेखक के हैं। संपादक मंडल का इनसे सहमत होना आवश्यक नहीं है।)

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Ashok Bhatia, Journalist, Writer, Mumbai, India, अशोक भाटिया, पत्रकार, लेखक, मुंबई, भारत,

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