Rave Party Mafia 03: इंटरनेट पर नशा निमंत्रण

रेव पार्टी याने हंगामा, मौज-मस्ती, लड़कियां, नशा, पैसा, ताकत। मुंबई में रेव पार्टी सभ्य समाज के कोढ़ सरीखा है। एक रेव पार्टी ने तो सभ्यजनों के खेल क्रिकेट को भी कलंकित कर दिया। आईपीएल को इसके बाद से ही ‘इंडियन पाप’ लीग भी कहा जाने लगा। होटल ओकवुड प्रीमियर के रूफटॉप रेस्तोरां अजोक के बारे में मशहूर है कि यहां बड़ी-बड़ी फिल्मी हस्तियों के हर रोज नकाब और कपड़े दोनों उतरते हैं। मस्ती माफिया रेव पार्टियां आयोजित करता है। पूरे देश में मस्ती माफिया विस्तार पा चुका है। मुंबई, दिल्ली, बंगलुरू, कोलकाता, चेन्नई ही नहीं इंदौर, रायपुर, भोपाल, लखनऊ, पटना, रांची जैसे छोटे शहरों में भी आम चलन में आ चुकी मस्ती माफिया की रेव पार्टियों के सनसनीखेज संसार की सैर पर चलें विवेक अग्रवाल के साथ।

पहले ऑर्कुट… अब फेसबुक है इन रेव पार्टियों के लिए निमंत्रण देने का मुख्य जरिया। एसएमएस से इसलिए बचते हैं क्योंकि सबूत सीधे तौर पर मिलता हैं।

कर्जत की एक रेव पार्टी का नाम ‘शांति यात्रा’ रखा था। उन दिनों इस रेव पार्टी का प्रचार आर्कुट से हुआ था।

अब तो दर्जनों ऐसे एप बाजार में उपलब्ध हैं, जिनके जरिए रेव पार्टियों के दावतनामे हर वक्त चाहने वालों को भेजे जाते हैं। वॉट्सएप तो मस्ती माफिया के बीच बड़ा लोकप्रिय एप है।

इसके अलावा चीन और रूस के कई एप हैं, जिनके बारे में लोगों को ठीक से पता तक नहीं है। उनका इस्तेमाल किया जाता है ताकी पुलिस या मुखबिरों से बचा जा सके। इन एप में शेयर किया कोई भी मैटर कॉपी-पेस्ट करने की सुविधा नहीं होती है।

डिजाइनर हिप्पीस.. मेकिंग पीपुल हैप्पी

2009 में पुणे की एक रेव पार्टी के लिए ऑर्कुट से सबको संपर्क किया था। इस पार्टी पर छापा मार कर पुलिस ने 284 को गिरफ्तार किया था।.

इस रेव पार्टी का फेसबुक पर निमंत्रण डीजे ‘डिजाइनर हिप्पीस.. मेकिंग पीपुल हैप्पी’ ने दीपेश शर्मा और जुहू निवासी आयोजक विषय हांडा ने भेजा था।

बता दें कि रोमियो और दीपेश ने 1999 में डिजाइनर हिप्पीज बनाया था और दुनिया भर में वे पार्टियो में डीजे के तौर पर जाते रहे हैं।

फिल्म ‘दबंग’ के गीत ‘तेरे मस्त-मस्त दो नैन’ के लिए 2010 में राष्ट्रीय राजीव गांधी अचीवर्स अवार्ड मिला था। इन्होंने फिल्म ‘हीरोज’ के सारे गीतों का रिमिक्स तैयार किया था।

निमंत्रण के मुताबिक शाम 4 बजे से 10 बजे तक पार्टी चलनी थी। टेबल रिजर्व करने की भी व्यवस्था थी। फेसबुक निमंत्रण के मुताबिक पार्टी करीब 2500 लोगों को निमंत्रण गया था, सिर्फ 73 लोगों ने आना स्वीकार किया, 18 ने कहा कि वे शायद पहुंचेंगे।

इसी कारण पुलिस ने रेव आयोजक विषय हांडा को गिरफ्तार किया। वह तमाम क्लाइंट्स को फेसबुक के पर्सनल प्रोफाइल से बुलाता था। कूट संकेतों से पार्टी में आने वालों को बताया गया था कि कौन सा नशा परोसा जाएगा।

इस पार्टी के निमंत्रण लिखा था – “bringing the SUN “DOWN” – so get ready to get high.. Please do not try to FLY.. Because Flying is an illusion not a Reality.”

पुलिस के मुताबिक यह संकेत है कि पार्टी में ड्रग्स उपलब्ध होंगे।

नशे की कीमत

पुलिस सूत्रों के मुताबिक ऐसी रेव पार्टियों में शामिल होने के लिए 2 से 10 हजार रुपए तक खर्च होते हैं। इस खर्च में आना-जाना और शऱाब के साथ खाना मुफ्त होता है।

नशे की रकम जेब के हिसाब से वसूली जाती है।

मैंड्रेक्स की एक सिंगल टेबलेट जिसे सिंगल डेकर कहते हैं, 50 से 80 रुपए में – तो दो गोलियों की बनी डबल डेकर गोली की कीमत 150 से 200 रुपए तक होती है।

एक्सेटेसी की एक ग्राम कीमत के लिए 4 हजार रुपए चुकाने होते हैं।

कोकीन के लिए 8 से 12 हजार रुपए प्रति ग्राम की कीमत देनी होती है।

रेव में रेड अलर्ट

मुंबई में छापे के बाद पूरे देश के रेव आयोजकों और बिरादरी में रेड अलर्ट जारी हो गया है। आसपास की तमाम पार्टियों के आयोजकों, ट्रांस म्यूजिक बजाने वाले डीजे और उनमें शामिल होने वाले लोगों ने चुप्पी साध ली।

बदलती लाइफस्टाइल ने मुंबई और पुणे शहरों को नशा तस्करी का गढ़ बना दिया। ये रेव पार्टियां धनकुबेरों के बेटों-बेटियों के लिए मौज-मजे के अड्डे हैं।

रेव पार्टी के बारे में अपने गहरे मित्रों या ‘सर्किट’ के बाहर के लोगों को जरा भी भनक नहीं लगने देते हैं। बेहद सीक्रेट मिशन की तरह रेव पार्टी का सारा काम होता है।

पब, फॉर्म हाउस व होटलों में रेव पार्टी के आयोजक युवाओं पर ही नजरें गड़ाए रहते हैं जो थोड़ा सा मजा लेने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार होते हैं।

सेटरडे नाइट या वीकेंड पार्टी, टोमेटिना पार्टी, पायजामा पार्टी, रेव पार्टी, हुक्का पार्टी, कोक पार्टी जैसे कई-कई नामों से पहचाने जाने वाली इन पार्टियों में नशे का कारोबार धड़ल्ले से होता है।

पब में युवाओं को नशा याने चरस, गांजा, स्मैक, ब्राउन शुगर, एमडीएमसी, एक्सेटेसी, कोकीन, एसिड, श्रूम्स (मशरूम), हशीश आसानी से उपलब्ध होते हैं। यह काम करने वाले ड्रग पैडलर याने फुटकर विक्रेता लगातार युवाओं के बीच संपंर्क बनाते चलते हैं ताकि उनके माल की खपत एक से दूसरे के जरिए बढ़ती ही जाए।

पार्टियों के शौकीन युवाओं में भारी उत्साह देख नशा बेचने वालो ने पबों, होटलों और डिस्कोथे को अपने अड्डे बना लिए हैं। इन स्थानों के बाहर या अंदर ग्राहकों की तलाश में नशा विक्रेता पहले उन्हें दोस्त बनाते हैं। इसके बाद नशे का चस्का लगाते हैं। ग्राहक बनाने के बाद अधिक मात्रा में जब उनकी मांग आती है, पैसे नहीं होते तो उनसे माल बिकवाने लगते हैं।

मुंबई की रेव पार्टियों में अपने साथ लड़कियां लेकर ही जाते हैं। लड़कियां साथ न हों, तो भी समस्या नहीं है। इसराइल, ईरान, फ्रांस, अमरीका, यूके की लड़कियां आसानी वहां उपलब्ध हैं। इसके अलावा रूसी लड़कियों की भरमार तो ऐसी जगहों पर सदा रहती है।

मुंबई की रेव पार्टी में अधिकांशतः रूसी लड़कियां पकड़ी जाती हैं। इन लड़कियों को रेव पार्टी की रात हमदम बनाने की कीमत 10 से 50 हजार रुपए है। उसी होटल में एक कमरा आसानी से हासिल हो जाता है। देर रात तक पार्टी के बाद ये रूसी लड़कियां बिस्तर पर भी अच्छी सेवा करती हैं।

पूरी रात के धमाल, नशाखोरी, नाच-गाने और शराबनोशी के बाद थोड़ी देर के लिए राहत पाने को ये कमरे और रूसी लड़कियां अच्छा साधन हैं। उनके 10 से 50 हजार के पैकेज में गर्म गोश्त परोसना भी शामिल है।

यहां बताना जरूरी है कि रेव पार्टियां महज धंधा नहीं हैं। यह कुछ करीबी दोस्तों के बीच आपस में पैसे जमा करके भी हो जाती हैं।

घरों में मॉडल, सेलिब्रिटी, धनकुबेरों व उद्यमियों एवं राजनेताओं के बिगडैल भी रेव पार्टियां आयोजित करते मिल जाते हैं। किसी खास नशा विक्रेता से पहले ही माल लाकर भर लेते हैं। शराब का कोटा भरते हैं। उसके बाद तेज संगीत व अंधियाली सी रंगीन रौशनी में मौज-मजे की रात शुरू, रेव का रेला शुरू।

ऐसी रेव पार्टियों तक अमूमन पुलिस की पहुंच नहीं पाती है। वे ध्यान रखते हैं कि किसी को उनकी पार्टीबाजी से परेशानी न हो। घर पूरी तरह बंद कर लेते हैं। बाहर तक म्यूजिक न जाए, उसका इंतजाम पहले से होता है।

लड़कियों की भरमार

एयरहोस्टेस और मॉडल रेव पार्टियों की शान हैं। लड़कों के अनुपात में लड़कियों की संख्या में कमी का रोना हम भले रोएं और आमिर खान करोड़ों की लागत से दुनिया जगाने की कोशिश इसके लिए करते दिखें… सच तो यह है कि रेव पार्टियों में लड़कियों की संख्या कभी कम नहीं होती।

रेव पार्टियों में लड़कियां आमतौर पर मुफ्त में जाती हैं क्योंकि उन्हें ले जाने वाले लड़के इन्हें नशे में धुत्त करने के बाद इसकी कीमत वसूल लेते हैं।

यह बताने की जरूरत नहीं कि कीमत कैसे वसूली जाती है।

बिना नशे के लगातार 5 से 8 घंटों तक इतने तेज संगीत पर नाचना किसी के लिए संभव नहीं। कोई लड़का या लड़की लगातार नाचे तो तय है कि एक्सेटेसी का डोज ले चुका है।

डेट रेप ड्रग्स का हमला

भाजपा नेता स्वर्गीय प्रमोद महाजन के बेटे राहुल महाजन, फिल्म अभिनेता फरदीन खान जैसी सेलिब्रिटी भी रेव पार्टियों की गिरफ्त में आ चुके हैं।

एक बार मुंबई में शक्ति कपूर का बेटा भी पकड़ा जा चुका है, जिसने अदालत के बाहर मीडिया पर हमला किया था।

ये रेव पार्टियां उन लड़कियों के लिए समस्या नहीं हैं, जिनके लिए लड़कों के साथ कमरों में जाना समस्या नहीं है।

उनके लिए लेकिन भारी समस्या का सबब बनती है, जिनके लिए किसी गैर के साथ किसी कमरे में अकेले बैठना भी दुश्वार है।

कुख्यात रेप डेट ड्रग

बिना किसी रंग, स्वाद व गंध की रेप डेट ड्रग बड़ी कुख्यात है और उनकी शिकार होकर लड़कियां आसानी से बलात्कार की शिकार बनती हैं।

दूध, चाय, शीतल पेय, कॉफी, शराब, बीयर में ही नहीं बल्कि पानी में भी इनकी मिलावट बड़ी खतरनाक होती है। यह दवा किसी को इनमें पिला दें तो पता ही नहीं चलता है।

इसके असर में लड़कियों को यही लगता है कि वे मजे कर रही हैं लेकिन उनसे बलात्कार हो जाता है। उन्हें तब पता चलता है जब नशा हटता है लेकिन उन्हें याद नहीं होता कि उनसे बलात्कार करने वाला था तो कौन।

यह दवा इस तरह दिमाग पर घर कर जाती है कि ट्रेन में कोई पिला दे तो लुटेरे को दोस्त मान कर उसके साथ हर पल का मजा लेंगे।

वह आपका सामान लेकर चलता बनेगा और आपको जागने पर कुछ याद नहीं होगा। इस नशे के जरिए कई बलात्कार करते हुए भी लड़कियों की ब्लू फिल्में बन चुकि हैं। इन फिल्मों का इस्तेमाल बाद में ब्लैकमेल करने के लिए होता है।

मध्यमवर्ग में रेव की रेल

मध्यमवर्गीय युवाओं को रेव पार्टियों की रेल नशे की अंधेरी सुरंग से होते हुए गर्त में धकेल रही हैं। अब रेव पार्टियों में बड़े घरों की बिगड़ैल औलादें ही नहीं, मध्‍यमवर्गीय परिवारों के लड़के-लड़कियां भी शामिल होने लगे हैं।

ऐसे युवा रेव पार्टियों में जाने के लिए चोरियां करने या देहव्यापार से भी पैसे कमाने से बाज नहीं आते।

जिन्हें इन पार्टियों का चस्का लग जाता है, उन्हें इससे बाहर लाना बेहद मुश्किल होता है।

कई बार युवा इसी चक्कर में परिवार से बगावत कर बैठते हैं। घरों से दूर रहने वाले छात्र-छात्राएं रेव पार्टियों के आसान शिकार हैं।

गोवा-ट्रांस

जानकार बताते हैं कि रेव पार्टी 1960 में हिप्पियों ने गोवा में शुरू की थी। विदेशी गोवा के समुद्र तटों पर नशे में झूमते रहते थे। शराब पीते और पार्टी करते थे। तब की और आज की रेव पार्टियों में खासा पर्क आ चुका है।

गोवा में यह ˜गोवा-ट्रांस˜ नाम से जानी जाती रही है जहां पूरी रात संगीत चलता था। अब उस पर प्रतिबंध लग चुका है। वहां से समाज में फैला यह कोढ़ अब हर तबके को लग चुका है।

देश भर में

शराब, शबाब और नशे की ये देर रात की दावतें गोवा-पणजी, पुणे, मुंबई, कोलकाता, बंगलुरु तक सीमित नहीं हैं।

रेव पार्टियां दिल्ली एनसीआर होते हुए लखनऊ, कानपुर, रायपुर, इंदौर, ग्वालियर, नागपुर, भोपाल, रत्नागिरी, रायगढ़ जैसे मध्यम शहरों तक फैल चुकी हैं।

अगरतला, अहमदाबाद, अमृतसर, आगरा, इंफाल, इलाहाबाद, उदयपुर, ऋषिकेश, ऊटी, कोयंबतूर, कोहिमा, नोएडा, गुरुग्राम, ग्रेटर नोएडा, गोरखपुर, चंडीगढ़, चित्तौड़गढ, बंगलुरू, जलंधर, जयपुर, जांगीपुर, जैसलमेर, जोधपुर, तिरुअनंतपुरम, नवी मुंबई, ठाणे, दार्जीलिंग, देहरादून, नैनीताल, पंचकुला, भुवनेश्वर, मेंगलूर, राजकोट, लुधियाना, वाराणसी, शिमला, हरिद्वार में भी मस्ती माफिया अलग-अलग तरीकों से अलग-अलग स्थानों पर रेव का आयोजन करते हैं।

लड़कियों की रेव

रात में लड़कियों के घर से बाहर रहने के चलन ने रेव पार्टियों में खासी बहार और रौनक ला दी है। खासतौर पर मुंबई और पुणे में तो लड़कियों की फौज ही इन रेव पार्टियों में मिल जाती है।

कई बार तो यह भी देखने को मिला है कि लड़कियां अपने लिए ही खास रेव पार्टी का आयोजन करती हैं। उसमें समलिंगी संबंध बनाए जाते हैं।

फ्रेंडशिप क्‍लबों की रेव

छोटे शहरो में भी फ्रेंडशिप क्‍लबों की बाढ़ आ गई है। ये क्लब असल में रेव पार्टियों के लिए खासा सामान मुहैय्या करवाते हैं।

इन फ्रेंडशिप क्‍लब के जरिए मिलने वाले युवक-युवतियों में रेव पार्टियों के आयोजक भी होते हैं।

कुछ हद तक बेरोजगारी… तो कुछ हद तक स्‍टेटस मेंटेन करने की चाहत.. या अमीर दिखने की चाहत ने लड़कियों को इस दलदल में खींचा है।

जारी…

रेव माफिया 01: नशे और वासना का कॉकटेल

रेव माफिया 02: डांस+डोप+डीजे+सेक्स = रेव पार्टी

रेव माफिया 03: इंटरनेट पर नशा निमंत्रण

रेव माफिया 04: कोडवर्ड में रेव

रेव माफिया 05: द व्हाईट पार्टी

रेव माफिया 06: रेव में राड़ा

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